पहले ठुकराया और बाद में खुद मुझसे जबरदस्त चुदबाई…

दोस्तों, यह मेरी वो गुप्त असली कहानी है जिसे मैं सालों से अपने सीने में दबाकर रखना चाहता था लेकिन आज मैं आप सबके सामने देसी सेक्स की तरह बता रहा हूं क्योंकि ये देसी भाभी चुदाई कहानी मेरे दिल को अभी भी गर्म कर देती है। मेरा नाम रोहित है, मैं 33 साल का हूं और मैसुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर का जॉब करता हूं। कॉलेज टाइम में मेरी क्लासमेट प्रीति थी, वो इतनी हॉट थी कि हर लड़का उसके पीछे पागल था। बड़े-बड़े चुचे, पतली कमर, गोल-गोल गांड और वो मुस्कान जो किसी को भी पागल कर दे। मैंने उसे प्रपोज किया था लेकिन उसने ठुकरा दिया, बोली सिर्फ दोस्त रहना चाहती हूं। मैं बहुत टूट गया था लेकिन जिंदगी आगे बढ़ गई।

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10 साल बाद फेसबुक पर उसकी मैसेज आई। प्रीति ने लिखा था कि वो अपने पति लोकेश के साथ मैसूर आई है कुछ काम से और पूछा कि क्या मेरे फ्लैट में 2-3 दिन रुक सकते हैं। मैंने तुरंत हां कह दिया। दिल में कुछ पुराना दर्द जागा लेकिन उत्सुकता भी थी। अगले दिन वो दोनों आ गए। प्रीति को देखकर मेरी सांस रुक गई। अब वो 30 साल की भाभी बन चुकी थी लेकिन और भी सेक्सी लग रही थी। टाइट जींस, कुरती जिससे उसके बड़े चुचे साफ उभर रहे थे, बाल खुले, होंठों पर लिपस्टिक। लोकेश भी अच्छा आदमी लगता था,मेरे ही उम्र के आसपास।

शाम को हम तीनों बैठे बातें कर रहे थे। पुराने कॉलेज के किस्से, हंसी-मजाक। प्रीति ने शराब मंगवाई, हम सब पीने लगे। थोड़ी देर बाद लोकेश ने कहा कि वो थक गया है, सोने जा रहा हूं। प्रीति मेरे पास ही बैठी रही। हम दोनों अकेले रह गए। उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई, बोली रोहित याद है कॉलेज में तू मुझे प्रपोज करता था और मैंने मना कर दिया था। मैंने हंसकर कहा हां याद है, बहुत दर्द हुआ था। वो मेरे करीब सरक आई, बोली अब मैं भाभी हूं लेकिन पुराना दोस्त तो दोस्त ही रहता है ना। उसकी सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं।

मैं समझ गया कि कुछ होने वाला है। मैंने उसका हाथ पकड़ा, वो नहीं छुड़ाया। फिर धीरे से उसके गाल पर हाथ फेरा। प्रीति की आंखें बंद हो गईं। मैंने उसे खींचकर किस किया। उसके होंठ गर्म थे, जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। हम दोनों जोर-जोर से किस करने लगे। मैंने उसकी कुरती ऊपर की, ब्रा के ऊपर से चुचे दबाए। वो सिसकारियां भर रही थी। लोकेश के कमरे की तरफ देखा लेकिन वो बंद था। प्रीति ने मेरे कान में फुसफुसाया, लोकेश जानता है, वो खुद चाहता है कि मैं किसी और से चुदूं, वो देखना चाहता है। मैं चौंक गया लेकिन लंड खड़ा हो चुका था।

प्रीति ने मुझे उठाया और बेडरूम में ले गई। लोकेश पहले से ही वहां था, कैमरा हाथ में लिए बैठा था। वो मुस्कुरा रहा था। प्रीति ने कहा रोहित, आज तू मुझे चोद, लोकेश सिर्फ देखेगा और वीडियो बनाएगा। मैंने सोचा ये तो सपना है। प्रीति ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। ब्रा निकाली तो उसके 36 डी के चुचे बाहर आ गए, गुलाबी निप्पल कड़े हो चुके थे। जींस उतारी तो काली पैंटी गीली दिख रही थी। मैंने भी कपड़े उतारे, मेरा 7 इंच का मोटा लंड सीधा खड़ा था। प्रीति ने देखा और बोली वाह रोहित, कितना मोटा लंड है तेरा, कॉलेज में पता होता तो कभी नहीं ठुकराती।

प्रीति घुटनों पर बैठ गई और मेरा लंड मुंह में ले लिया। टोपा चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। गगग गोंग गीईई आवाजें आने लगीं। लोकेश कैमरा घुमा रहा था। मैंने उसके बाल पकड़े और लंड गले तक ठूंसा। वो खांसने लगी लेकिन चूसती रही। फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया, उसकी पैंटी उतारी। उसकी चूत बिल्कुल साफ, गुलाबी, रस से चमक रही थी। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया, क्लिट चूसने लगा। प्रीति चीख रही थी, आह्ह्ह रोहित… और जोर से… मेरी चूत चाटो… वो चुदक्कड़ बन चुकी थी।

मैंने अपनी उंगलियां उसकी चूत में डालीं, दो उंगलियां अंदर बाहर कर रहा था। चपचप चपचप की आवाजें भर रही थीं। प्रीति की कमर उठ रही थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा और धीरे से धक्का मारा। टोपा अंदर गया, वो चीखी आह्ह्ह… बड़ा है… लेकिन मुझे और चाहिए। मैंने पूरा लंड एक झटके में अंदर कर दिया। प्रीति की चूत कसी हुई थी, गर्म और गीली। मैंने जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। ठप ठप ठप ठप आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। लोकेश रिकॉर्ड कर रहा था।

प्रीति चिल्ला रही थी, हां रोहित… चोद मुझे… मेरी चूत फाड़ दो… वो चुदवाती हुई कह रही थी। मैंने उसकी टांगें कंधे पर रखीं और मिशनरी में तेजी से पेलने लगा। उसके चुचे उछल रहे थे, मैंने उन्हें दबाया, निप्पल मरोड़े। वो झड़ गई, चूत से रस निकला। लेकिन मैं रुका नहीं। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया, गांड पकड़कर पीछे से चोदा। उसकी गांड हिल रही थी, चूत लंड को चूस रही थी। लोकेश पास आकर देख रहा था।

फिर प्रीति ऊपर आ गई, काउगर्ल स्टाइल में मेरे लंड पर बैठ गई। खुद ऊपर नीचे हो रही थी, उसके चुचे उछल रहे थे। मैंने नीचे से धक्के मारने लगे। वो चीख रही थी, आह्ह्ह… रोहित… तेरे लंड ने मेरी चूत खोल दी… मैं फिर झड़ गई। अब मेरी बारी थी, मैंने उसे नीचे लिटाया और जोर-जोर से चोदते हुए आखिरी धक्के मारे। मेरा लंड फड़का और मैंने उसकी चूत के अंदर सारा माल छोड़ दिया। वो भी साथ झड़ गई।

लोकेश ने सब रिकॉर्ड कर लिया। वो बोला वाह रोहित, तुमने मेरी बीवी को अच्छे से चोदा। प्रीति हंस रही थी, बोली रोहित, ये सिर्फ शुरूआत है। रात भर हम तीनों ने सेक्स किया। मैंने प्रीति को दोबारा चोदा, इस बार लोकेश भी शामिल हुआ लेकिन सिर्फ देखता रहा। सुबह तक प्रीति की चूत सूज गई थी, वो हांफ रही थी लेकिन खुश थी।

अगले दिन लोकेश बाहर गया तो प्रीति फिर से मेरे पास आई। बोली रोहित, आज सिर्फ हम दोनों। हमने शावर में सेक्स किया, फिर किचन में, फिर बेड पर। मैंने उसकी गांड भी मारी। वो चुदक्कड़ बन चुकी थी, बार-बार कह रही थी चोद मुझे… मेरी चूत अभी भी भूखी है… मैंने उसे कई बार चोदा, हर बार क्रिम्पाई किया।

तीसरे दिन वो दोनों जाने वाले थे लेकिन प्रीति ने कहा अगली बार अकेली आऊंगी। लोकेश ने मुस्कुराकर कहा हां, वो अब तुम्हारी चुदाई की दीवानी हो गई है। वो दोनों गए लेकिन अब हर महीने प्रीति अकेली आती है। मैं उसे चोदता हूं, वो चुदवाती है, हम दोनों का पुराना हिसाब चुकता हो रहा है।

अब मैं समझता हूं कि किस्मत कैसे खेल खेलती है। जिसने मुझे ठुकराया था वो आज मेरे लंड की रंडी बन गई है। हर बार जब मैं उसकी चूत में लंड डालता हूं तो पुराना दर्द याद आता है लेकिन मजा दोगुना हो जाता है। दोस्तों, ये मेरी असली जिंदगी की देशी भाभी की चुदाई कहानी है।

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