भाभी की चूत चुदवाई होटल में

Hindi Sex Story

मेरा नाम आलोक है और मेरी उम्र 24 साल है। मैं कच्छ में रहता हूँ। ये सेक्स कहानी मेरी भाभी विभा की है, जो अहमदाबाद में रहती हैं। उनकी उम्र 38 साल है, और वो दिखने में मस्त माल हैं। गोरी, थोड़ी मोटी, उनकी हाइट 5 फीट है, और उनका फिगर लगभग 36-34-38 होगा। उनके बड़े-बड़े बूब्स थोड़े लटके हुए हैं, पेट काफी बाहर निकला हुआ है, जांघें मोटी-मोटी और उनकी गांड भी बड़ी और ढीली हो चुकी है। वो दो बच्चों की माँ हैं, उनके दो लड़के हैं। Hindi Sex Story

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ये बात तब की है जब हम सैटरडे और संडे की छुट्टी में दमन घूमने गए थे। मेरी फैमिली, भाभी की फैमिली, और मामा की फैमिली, हम तीनों परिवार साथ में दमन गए थे। गोवा वाली चुदाई के बाद मेरा भाभी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया था। मैंने बिना कंडोम के उनकी चूत में लंड डाला था, लेकिन अब भाभी मुझसे ज्यादा बात नहीं करती थीं।

शायद वो उस चुदाई को भूलना चाहती थीं, या शर्मिंदगी महसूस करती थीं। लेकिन मेरे मन में उनकी मस्त बॉडी का ख्याल बार-बार आता था। हमने दमन पहुंचकर एक होटल में तीन रूम बुक किए। सैटरडे को हम पूरा दिन बीच पर घूमे, पानी में मस्ती की, और खूब मजा किया। रात को होटल वापस आए।

भाभी ने उस रात एक टाइट टी-शर्ट और जीन्स पहनी थी। उनकी बड़ी-बड़ी गांड, मोटी जांघें, बाहर निकला हुआ पेट, और भारी-भरकम बूब्स किसी का भी लंड खड़ा कर सकते थे। उनकी टी-शर्ट इतनी टाइट थी कि उनके बूब्स का उभार साफ दिख रहा था, और जीन्स में उनकी गांड ऐसी लग रही थी जैसे बस अभी फट जाएगी।

मैं होटल के गार्डन में बैठा था, बाकी फैमिली मेंबर्स भी वहीं थे। मैं भाभी की बॉडी को घूर रहा था, उनके हर कर्व को निहार रहा था। अचानक मेरे पास दो आदमी आए। दोनों मोटे, करीब 35 साल के, और थोड़े रौबीले लग रहे थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, “साली, मस्त माल है!” मैं चौंक गया। मैंने पूछा, “कौन?”वो बोले, “वो जो तू घूर रहा है, भाई!” मैं समझ गया कि वो भाभी की बात कर रहे हैं। मेरे मन में कुछ गलत ख्याल आने लगे। उन दोनों ने मुझसे कहा, “चल, इसको चोदने का सेटिंग करते हैं।” मैं नहीं जानता मेरे दिमाग में क्या चल रहा था, लेकिन मैंने हाँ कर दी। शायद भाभी की गोवा वाली चुदाई का नशा अभी तक मेरे दिमाग में था।

उन दोनों ने अपना परिचय दिया। उनका नाम राजू और करणथा। दोनों मुंबई से आए थे, दमन घूमने, और यहाँ रंडी ढूंढ रहे थे। हमारी बातचीत अच्छी हो गई, और उन्होंने मुझे अपना नंबर दे दिया। बोले, “कल इसका कुछ करेंगे।” मैंने कहा, “ठीक है।” उस रात भाभी गार्डन से अपने रूम में चली गईं, और मैं भी अपने रूम में सोने चला गया, लेकिन मेरा दिमाग भाभी की बॉडी और उन दो आदमियों की बातों में उलझा रहा।

अगले दिन सुबह हम सब वाटर पार्क गए। वहाँ सब मजे कर रहे थे, स्लाइड्स पर खेल रहे थे, और पूल में नहा रहे थे। लेकिन मेरे भैया की तबीयत खराब हो गई। वो ज्यादा शराब पीते हैं, शायद उसी का असर था। मैं और भाभी उन्हें होटल वापस ले गए और उनके रूम में सुला दिया।

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भैया गहरी नींद में सो गए। भाभी ने उस दिन व्हाइट टी-शर्ट और जीन्स की कैप्री पहनी थी। उनकी टी-शर्ट उनके बूब्स पर टाइट थी, और कैप्री उनकी मोटी जांघों और गांड को और उभार रही थी। मैं उन्हें देखे जा रहा था, और मेरे मन में फिर से वही गंदे ख्याल आने लगे।

मैं पानी की बोतल लेने के बहाने बाहर गया और राजू और करणको फोन किया। मैंने उन्हें बता दिया कि वो मेरी भाभी हैं। वो दोनों हैरान रह गए। मैंने कहा, “मैं भाभी को बाहर भेजता हूँ, तुम लोग सेटिंग करो। अगर बात बन जाए तो चोद लेना।” मैंने उनसे उनका रूम नंबर लिया और वापस रूम में चला गया। भैया सो रहे थे, और भाभी बोलीं, “मैं बाहर जाकर आती हूँ।” मैंने कहा, “ठीक है।”

भाभी बाहर गईं, और पता नहीं कैसे राजू और करणने उनसे सेटिंग कर ली। राजू का फोन आया, और उसने कहा, “तू पहले रूम में आ जा, फिर हम भाभी को लाएंगे। तुझे चुदाई देखनी है ना?” मैंने हाँ कहा और भैया के रूम के दरवाजे पर “Do Not Disturb” का टैग लगाकर उनके रूम की तरफ चल पड़ा।

उनका रूम तीसरी मंजिल पर था। मैं वहाँ पहुंचा, राजू पहले से रूम में था। उसने कहा, “करणभाभी को लेकर आ रहा है। तू पर्दे के पीछे छिप जा।” मैंने मोबाइल साइलेंट किया और खिड़की के पर्दे के पीछे छिप गया, जहाँ से मैं सब कुछ देख सकता था। थोड़ी देर बाद करणभाभी को लेकर आया। भाभी ने जैसे ही रूम में कदम रखा, राजू ने उनका हाथ पकड़कर बेड पर बिठा दिया।

करणवॉशरूम चला गया। राजू ने अपनी टी-शर्ट और पैंट उतार दी। उसका भारी-भरकम बदन, छाती पर ढेर सारे बाल, बड़ा सा पेट, और गहरी नाभि थी। वो सिर्फ चड्डी में था। उसने भाभी को चूमना शुरू किया, उनके गालों को, होंठों को, और फिर उनकी टी-शर्ट उतार दी। आप ये कहानी antarvasna4u.com पर पढ़ रहे है

भाभी की ब्रा के ऊपर से ही उनके बूब्स दबाने लगा, उनकी छाती को चूमने लगा। फिर उसने ब्रा का हुक खोला और दोनों बूब्स को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा। भाभी के बड़े-बड़े बूब्स उसके हाथों में पूरी तरह समा नहीं रहे थे। वो उनके निप्पल्स को चूसने लगा, और भाभी के मुँह से हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकलने लगीं।

तभी करणवॉशरूम से आया और बोला, “साले, मेरे बिना ही शुरू हो गया!” राजू ने हँसते हुए कहा, “भाई, तू पहले डाल, अब खुश?” करणने भी अपनी टी-शर्ट और पैंट उतार दी। उसकी बॉडी भी राजू जैसी थी, मोटी, बालों से भरी, और बड़ा सा पेट। दोनों मोटे थे, और भाभी भी मोटी थीं।

मैं सोच रहा था कि ये तीनों कैसे चुदाई करेंगे। करणभी भाभी को चूमने लगा, उनके बूब्स को चूसने लगा। फिर उसने भाभी की कैप्री का बटन खोलने की कोशिश की, लेकिन कैप्री इतनी टाइट थी कि बटन नहीं खुला। भाभी खुद खड़ी हुईं और अपनी कैप्री उतारने लगीं। कैप्री इतनी टाइट थी कि उनके साथ उनकी पैंटी भी नीचे खिसक गई। अब भाभी पूरी नंगी थीं।

राजू और करणने भी अपनी चड्डियाँ उतार दीं। दोनों के लंड मोटे और बड़े थे, गोरे रंग के, और उनके टोपे लाल-लाल चमक रहे थे। भाभी ने घुटनों के बल बैठकर दोनों के लंड पकड़ लिए और बारी-बारी से उन्हें मुठ मारने लगीं। फिर उन्होंने करणके लंड के टोपे को चूमा और उसे मुँह में ले लिया।

उनके होंठ करणके लंड के चारों ओर लिपट गए, और वो उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। फिर उन्होंने राजू के लंड को भी चूमा और उसे मुँह में लिया। दोनों के लंड को वो बारी-बारी से चूस रही थीं, जैसे कोई प्रोफेशनल रंडी हो। दोनों मोटे मर्द आँखें बंद करके “आह्ह्ह… आह्ह्ह…” की आवाजें निकाल रहे थे, जैसे जन्नत में हों। भाभी का चूसना इतना मादक था कि मैं पर्दे के पीछे से देखते हुए खुद को रोक नहीं पा रहा था।

करीब 10 मिनट तक भाभी ने उनके लंड चूसे। फिर वो खड़ी हुईं और करणका हाथ पकड़कर उसे बेड पर लिटा दिया। राजू बेड पर बैठा हुआ था और अपना लंड हिला रहा था। भाभी करणके ऊपर चढ़ गईं और उसकी बालों भरी छाती, उसके मोटे पेट को चाटने लगीं। करणने अपने दोनों पैर फैलाए हुए थे।

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भाभी ने उससे पूछा, “कंडोम कहाँ है?” करणने कहा, “ड्रॉअर में।” भाभी ने ड्रॉअर से कंडोम निकाला और करणके लंड पर चढ़ा दिया। फिर उन्होंने करणका लंड पकड़ा और उस पर बैठने लगीं। लंड का टोपा उनकी चूत पर टिका, और वो धीरे-धीरे उस पर बैठने की कोशिश करने लगीं। “Hindi Sex Story”

लंड मोटा था, सिर्फ टोपा ही अंदर गया। भाभी के मुँह से “आह्ह्ह…” की आवाज निकली। वो उसी पोजीशन में रुकी रहीं। करणने नीचे से अपनी कमर उठाकर एक जोरदार झटका मारा, और लंड पूरा उनकी चूत में घुस गया। भाभी की आँखें बंद हो गईं, और वो जोर से “आह्ह्ह्ह्ह्ह…” चिल्लाईं।

करणने उनके पेट पर हाथ रखा, और भाभी धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगीं। उनकी चूत में लंड अंदर-बाहर हो रहा था, और वो “आह्ह्ह… आह्ह्ह… ओह्ह्ह…” की सिसकारियाँ ले रही थीं। करणभी “आह्ह्ह… आह्ह्ह…” कर रहा था। भाभी का मोटा पेट और करणका मोटा पेट हर झटके के साथ टकरा रहे थे, और उनकी बॉडी हिल रही थी।

तभी राजू खड़ा हुआ और बेड पर आ गया। उसने भाभी का मुँह पकड़ा और अपना लंड उनके मुँह में डाल दिया। भाभी अब करणके लंड पर उछल रही थीं और साथ ही राजू का लंड चूस रही थीं। ये सब करीब 15 मिनट तक चला। फिर भाभी उठीं, और राजू ने उन्हें बेड पर घोड़ी बना दिया।

भाभी के नीचे करणने अपना मुँह उनके बूब्स के बीच में डाल दिया और उनके निप्पल्स चूसने लगा। राजू ने कंडोम पहना और भाभी की चूत में एक जोरदार झटका मारा। लंड पूरा अंदर घुस गया, और भाभी “आह्ह्ह्ह…” चिल्लाईं। राजू ने उनकी गांड पकड़कर घपाघप चोदना शुरू कर दिया।

उनकी गांड और राजू का पेट टकराने से “थप-थप-थप” की आवाजें आने लगीं। भाभी की पूरी बॉडी हर झटके के साथ हिल रही थी। राजू रुका नहीं, वो “आह्ह्ह… आह्ह्ह…” करते हुए जोर-जोर से धक्के मार रहा था। तभी करणने अपना मुँह निकाला और वॉशरूम चला गया। वो जल्दी वापस आया, और अपने साथ जेल की डब्बी लाया। “Hindi Sex Story”

भाभी की आँखें बंद थीं। करणने राजू को जेल दी, और राजू ने डब्बी खोलकर दो उंगलियों से जेल निकाला और भाभी की गांड के छेद पर लगाने लगा। भाभी की आँखें खुल गईं, शायद उन्हें अंदाजा हो गया था कि अब उनकी गांड की बारी है। राजू ने फिर से उनकी चूत में धक्के मारना शुरू किया, और अचानक अपना लंड निकालकर उनकी गांड के छेद पर रख दिया।

करणने आगे आकर अपना लंड भाभी के मुँह में डाल दिया और उनका सिर पकड़कर मुँह में लंड अंदर-बाहर करने लगा। राजू ने एक जोरदार धक्का मारा, लेकिन सिर्फ लंड का टोपा ही उनकी गांड में गया। भाभी चिल्लाना चाहती थीं, लेकिन मुँह में करणका लंड होने की वजह से चिल्ला नहीं पाईं। आप ये कहानी antarvasna4u.com पर पढ़ रहे है

राजू ने एक और जोरदार धक्का मारा, और इस बार आधा लंड अंदर चला गया। भाभी की आँखों से आँसू निकल आए। वो दर्द से तड़प रही थीं। राजू ने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू किया। करीब 5 मिनट बाद करणने अपना लंड भाभी के मुँह से निकाला। अब भाभी के मुँह से “आह्ह्ह… म्ह्ह्ह… ऊह्ह्ह…” की आवाजें निकल रही थीं। धीरे-धीरे भाभी को दर्द कम होने लगा, और वो अब गांड मरवाने में मजे लेने लगीं।

10 मिनट बाद राजू ने अपना लंड निकाला, और करणने अपने लंड पर ढेर सारा जेल लगाया। उसने दो उंगलियों से भाभी की गांड के अंदर भी जेल डाला और फिर अपना लंड उनकी गांड में डाल दिया। भाभी का मुँह खुल गया, और उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं। फिर से उनकी आँखों से आँसू निकलने लगे।

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वो चिल्लाईं, “प्लीज निकालो, गांड फट जाएगी!” करणने कहा, “डार्लिंग, 1 मिनट में मजा आएगा, थोड़ा सह लो, फिर मजे ही मजे होंगे।” उसने राजू को कहा, “इसके मुँह में लंड डाल।” राजू बेड पर चढ़ा और भाभी के मुँह में अपना लंड डाल दिया। करणधीरे-धीरे धक्के मारने लगा। भाभी की गांड हर झटके के साथ हिल रही थी। वो अब जोर-जोर से गांड मरवा रही थीं।

करीब 15 मिनट तक करणने उनकी गांड मारी। भाभी की बॉडी पूरी ढीली हो चुकी थी। अचानक करणने अपना लंड निकाला और भाभी को सीधा लिटा दिया। राजू ने कंडोम उतार दिया और भाभी के बूब्स पर बैठ गया। उसने अपना लंड उनके बूब्स के बीच में डाला और दोनों बूब्स को पकड़कर लंड को उनके बीच रगड़ने लगा। “Hindi Sex Story”

दूसरी तरफ करणने भाभी के दोनों पैर फैलाए और उनकी चूत में लंड डालकर चोदने लगा। भाभी अब मजे से चुदवा रही थीं, और “आह्ह्ह… आह्ह्ह… ओह्ह्ह… ऊईईई…” की आवाजें निकाल रही थीं। राजू लगातार उनके बूब्स के बीच लंड रगड़ रहा था। 5 मिनट बाद राजू का वीर्य निकल गया। उसने भाभी के मुँह पर वीर्य की पिचकारी मारी।

उनके होंठ, गाल, नाक, सब जगह वीर्य लग गया। उनका चेहरा वीर्य से भर गया। फिर वो उठा और बगल में लेट गया। इधर करणने भाभी के दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और जोर-जोर से चोदने लगा। भाभी भी “आह्ह्ह… आह्ह्ह… म्ह्ह्ह… ओह्ह्ह…” कर रही थीं।

10 मिनट बाद करणका भी वीर्य निकलने वाला था। उसने अपना लंड उनकी चूत से निकाला, कंडोम उतारा, और भाभी के बूब्स पर बैठ गया। उसने मुठ मारनी शुरू की और अपना लंड उनके होंठों पर रख दिया। भाभी ने मुँह नहीं खोला, लेकिन जैसे ही लंड उनके होंठों को छुआ, उसका वीर्य निकल गया और उनके होंठों पर लग गया।

अब करणभी भाभी के बगल में लेट गया। भाभी और दोनों मर्द नंगे बेड पर आधे घंटे तक लेटे रहे। फिर भाभी उठीं और वॉशरूम चली गईं। उन्होंने अभी तक अपने चेहरे पर लगा वीर्य साफ नहीं किया था। 2 मिनट बाद राजू और करणभी वॉशरूम चले गए। मैं अभी भी पर्दे के पीछे था। “Hindi Sex Story”

मैंने चुदाई देखते हुए एक बार मुठ मार ली थी और कुछ फोटो और वीडियो क्लिप भी बना ली थी। 20 मिनट हो गए, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। मैं समझ गया कि वॉशरूम में फिर से चुदाई चल रही है। करीब आधे घंटे बाद भाभी बाहर आईं। वो दीवार पकड़कर लंगड़ाते हुए चल रही थीं। आप ये कहानी antarvasna4u.com पर पढ़ रहे है

उनकी गांड और चूत की चुदाई ने उन्हें थका दिया था। वो बेड पर बैठीं और कपड़े पहनने लगीं। फिर राजू और करणबाहर आए, उन्होंने भी कपड़े पहने और भाभी को 10000 रुपये दिए। भाभी ने बिना कुछ बोले पैसे ले लिए। उन्होंने भाभी का नंबर लिया और अपना नंबर भी भाभी को दे दिया।

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भाभी 15 मिनट बाद उठीं और चली गईं। मैं पर्दे के पीछे से निकला। राजू और करणने कहा, “भाई, तेरी भाभी कमाल की रंडी है, बेंचोद, मजा आ गया!” मैंने पूछा, “भाभी को कैसे मनाया?” करणबोला, “तेरी भाभी रंडी टाइप की है, वो आसानी से चुदवाने को तैयार हो गई। मैंने पैसे की बात पहले ही कर ली थी।” राजू ने कहा, “फिर मिलते हैं, और तेरी भाभी को खूब चोदेंगे।” हम सब हँस दिए, और मैं नीचे अपने रूम में चला गया।

भाभी भैया के बगल में सो रही थीं। मैं वाटर पार्क वापस चला गया। अब मुझे समझ आ गया था कि भाभी रंडी बन चुकी हैं। उनकी चुदाई का वो मंजर मेरे दिमाग में बार-बार घूम रहा था। मैंने सोचा, शायद ये उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन मैं ये भी जानता था कि ये सब उनकी मर्जी से हुआ।

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